वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह सिक्योरिटी से हटाया गया सुरक्षाकर्मी; CEO बोले- चल रही जांच | Security personnel walk out of Shrikashi Vishwanath temple sanctum security in Varanasi; CEO said – ongoing investigation


वाराणसी40 मिनट पहले

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सादे वेश में यूपी पुलिस का सिपाही श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ज्योर्तिलिंग की फोटो खींच रहा। इस दौरान उसकी ये हरकत गर्भगृह के कैमरे में कैद हो गई।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ज्योर्तिलिंग की फाेटो खींचने वाले की पहचान हो गई है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी कि CEO सुनील वर्मा ने बताया कि वह यूपी पुलिस का एक सिपाही है, जिसका नाम शशांक शेखर है। उसे अब गर्भगह की ड्यूटी से हटा दिया गया है। वहीं आगे जांच की कार्यवाही चल रही है। पता लगाया जाएगा कि उसने फोटो अपने लिए क्लिक की या किसी और के लिए। सुनील वर्मा ने कहा कि दोपहर में भोग आरती के ठीक पहले गर्भगृह की साफ-सफाई चल रही थी। उसी समय वह अंदर जाकर फोटो खीेंचने लगा। उन्होंने कहा कि गर्भगृह के पास सिपाही सादे वेश में ही ड्यूटी करते हैं। इसलिए पहचान थोड़ी देर से हुई।

बहरहाल, जांच के बाद ही पता चलेगा कि उसने ऐसी हरकत क्यों की। CEO सुनील वर्मा ने कहा कि यहां पर इस तरह की फोटो लेना स्वीकार्य ही नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत किसी को भी नहीं है। इस तरह की हरकत यहां कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

लाइव फुटेज में दिखी यह हरकत
गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग की फोटो लेते एक व्यक्ति की करतूत गर्भगृह के कैमरे मैं कैद हो गई थी। दोपहर की भोग आरती के पहले की उसने अपने मोबाइल से फोटो उतार रहा था। कभी बैठकर तो कभी उठकर कई पोजिशन से उसने ज्योर्तिलंग की फोटो ली। इस बात से अंजान था कि उसकी यह करतूत गर्भगृह के कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है। जिसे पूरी दुनिया लाइव देख रही है। एक व्यक्ति की नजर जब लाइव फुटेज पर पड़ी तो उसने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट शेयर कर दी। इस हरकत को लोगों ने मंदिर की सुरक्षा में सेंध लगाना बताया।

मंदिर में परिसर में डिजिटल डिवाइस बैन है
देश अति संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक विश्वनाथ धाम में इस तरह से फोटो लेना, वहां सुरक्षा की दृष्टि से खिलवाड़ है। काशी विश्वनाथ मंदिर के परिसर में मोबाइल, कैमरा और डिजिटल डिवाइस आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। मीडिया या चंद VVIP को ही मंदिर परिसर में फोटोग्राफी की अनुमति होती है। वह भी गर्भगृह के बाहर। गर्भगृह के बाहर पुलिस और CRPF जवानों की मौजूदगी में श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते हैं। यदि सुरक्षाकर्मी मुस्तैद थे, तो यह इस तरह गर्भगृह में घुसकर मोबाइल से फोटाेग्राफी की अनुमति किसने दे दी। मंदिर के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। वहां खड़े सुरक्षाकर्मियों ने भी उसके इस हरकत पर आपत्ति नहीं जताई।

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